खटीमा में आईटीबीपी महिला जवान का जबरन धर्मांतरण कराने का आरोप, पति समेत तीन पर मुकदमा

ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र में आईटीबीपी की एक महिला जवान ने पति समेत तीन लोगों पर जबरन धर्मांतरण कराने और मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्राम दिया निवासी महिला जवान ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका विवाह वर्ष 2014 में हिंदू रीति-रिवाज से संदीप सिंह राना के साथ हुआ था। विवाह के बाद वह आईटीबीपी में भर्ती हो गई और वर्तमान में लद्दाख में तैनात है। महिला का आरोप है कि उसका पति बेरोजगार है और वर्ष 2016 में मोहम्मदपुर भुड़िया निवासी कमलजीत सिंह और दान सिंह राना ने उसे रोजगार व पैसों का लालच दिया, जिसके बाद उसने ईसाई धर्म अपना लिया।
महिला के अनुसार, पति ने बिना जानकारी दिए दोनों बच्चों के ईसाई नाम रख दिए और उन्हें चर्च ले जाने लगा। जब वह छुट्टी पर घर आई तो पति ने उस पर भी ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जबरन मोहम्मदपुर भुड़िया ले जाया गया, जहां पास्टर दान सिंह राना ने जलकुंड में स्नान कराकर उसका धर्मांतरण करा दिया।
महिला जवान का कहना है कि उसने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-पाठ करना नहीं छोड़ा, लेकिन पति उसे पूजा करने, मांग भरने और मंगलसूत्र पहनने तक से रोकता है। आरोप है कि पति ने दोनों बच्चों को अपने कब्जे में रखा हुआ है और पास्टर को पैसे देने के नाम पर हर माह धनराशि मांगता है। पैसे नहीं देने पर बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी जाती है। मजबूरी में वह हर माह पति को पैसे भेजती रही।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि 19 मई 2026 को पति उसके मायके पहुंचा और दो लाख रुपये तथा धर्म प्रचार के लिए प्रतिमाह छह हजार रुपये मिलने का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाने लगा। महिला ने कहा कि वह लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही है।
मामले में पुलिस ने पति संदीप सिंह राना, कमलजीत सिंह और दान सिंह राना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी ने कहा कि खटीमा में धर्मांतरण से जुड़े मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच की जा रही है। जिले में ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








