उत्तराखण्डकुमाऊं,

हल्द्वानी- जनता मिलन में एक्शन मोड में दिखे आयुक्त दीपक रावत, जमीन बंटवारे में लापरवाही पर लेखपालों को कार्यवाही की चेतावनी

एससी-एसटी की जमीन की अवैध खरीद पर जताई सख्ती, नजूल भूमि के फर्जी सौदों पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश

हल्द्वानी न्यूज़- शनिवार को आयुक्त कैंप कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने भूमि विवाद, सड़क निर्माण, भू-अभिलेख, नजूल भूमि, पेयजल और विद्युत जैसी विभिन्न जनसमस्याओं की सुनवाई कर कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

 

 

जनता मिलन के दौरान हल्द्वानी निवासी ईश्वरी दत्त ने बताया कि चार भाइयों के बीच जमीन के कुर्रे (फाट) के आदेश उपजिलाधिकारी कार्यालय से करीब नौ माह पहले जारी हो चुके हैं, लेकिन अब तक राजस्व विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए एसडीएम हल्द्वानी को तलब किया और निर्देश दिए कि धारा-176 के तहत जमीन बंटवारे के सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए। साथ ही आदेशों की अवहेलना करने वाले लेखपालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

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आयुक्त दीपक रावत ने स्पष्ट कहा कि एससी-एसटी वर्ग की कृषि भूमि सामान्य या अन्य पिछड़ा वर्ग का व्यक्ति बिना सक्षम अनुमति के सीधे नहीं खरीद सकता। ऐसा करना अवैध एवं दंडनीय अपराध है। बैलपड़ाव निवासी उमा देवी ने शिकायत की कि उनके बेटों ने उनकी भूमि एक सामान्य वर्ग के व्यक्ति को बेच दी, जिस पर भवन का निर्माण भी हो चुका है। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने एसडीएम रामनगर को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

 

 

उन्होंने कहा कि यदि किसी सामान्य या ओबीसी वर्ग के व्यक्ति को एससी-एसटी की भूमि खरीदनी हो तो संबंधित राजस्व नियमों के तहत जिलाधिकारी की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है। बिना अनुमति की गई रजिस्ट्री या इकरारनामा निरस्त किया जा सकता है।

 

 

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ग्राम सभा छिड़ा के ग्रामीणों ने वीरभट्टी-छिड़ा सड़क निर्माण में वन विभाग की आपत्ति के कारण हो रही देरी की शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के लिए धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इस पर आयुक्त ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर वन विभाग की आपत्तियों का शीघ्र समाधान कर सड़क निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए।

 

 

हल्द्वानी निवासी विपिन चंद्र ने शिकायत की कि उनकी खतौनी में उनका नाम गलत दर्ज हो गया है। आयुक्त ने उपजिलाधिकारी को नियमानुसार त्रुटि सुधार कर समस्या का शीघ्र समाधान कराने के निर्देश दिए।

 

 

रामनगर निवासी नितिन ढोमणे ने शिकायत की कि उन्होंने धोखाधड़ी का शिकार होकर नजूल भूमि खरीद ली थी। उन्होंने अपनी धनराशि और भूखंड वापस दिलाने की मांग की। आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विक्रेता से शिकायतकर्ता की धनराशि तत्काल लौटाने के निर्देश दिए। यदि तत्काल भुगतान संभव न हो तो शिकायतकर्ता को चेक उपलब्ध कराने को कहा।

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इसके अलावा आयुक्त ने संबंधित पटवारी को निर्देश दिए कि सभी नजूल भूमि पर प्रमुख स्थानों पर सूचना पट्ट लगाए जाएं, जिन पर स्पष्ट रूप से लिखा हो कि “यह भूमि सरकार की संपत्ति है। इसका क्रय-विक्रय दंडनीय अपराध है।” उन्होंने कहा कि इससे आमजन जागरूक होंगे और भविष्य में इस प्रकार की धोखाधड़ी पर रोक लगेगी।

 

 

जनता मिलन कार्यक्रम के अंत में आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।