उत्तराखण्डकुमाऊं,

उत्तराखंड में जमीन से लेकर रोजगार तक बड़े फैसले, धामी कैबिनेट ने लिए अहम निर्णय

चंपावत न्यूज़- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चंपावत के बनबसा स्थित एनएचपीसी में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में कुल 24 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में युवाओं के कौशल विकास, कर्मचारियों की संपत्ति के विवरण, नजूल भूमि के नियमितीकरण, निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और पशुपालन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए गए।

 

 

कैबिनेट ने टीडीसी (तराई विकास निगम) को 66 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने को मंजूरी दी। वहीं, युवाओं के कौशल विकास के लिए 200 करोड़ रुपये की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण देने और छात्रों के लिए स्किल डिप्लोमा कोर्स संचालित करने की योजना है। इससे प्रदेश के एक लाख से अधिक छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

 

 

 

कर्मचारियों को देना होगा संपत्ति का विवरण

कैबिनेट ने कर्मचारी आचरण नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके तहत कर्मचारियों की संपत्ति का विवरण देने से संबंधित प्रावधानों में बदलाव किया गया है। बैठक में समूह क, ख और ग के कर्मचारियों की संपत्ति का विवरण देने के संबंध में चर्चा की गई। हालांकि, इस संबंध में अलग-अलग समूहों के लिए लागू होने वाली समय-सीमा की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

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प्रांतीय रक्षक दल अधिकारियों के पद को मंजूरी

कैबिनेट ने प्रांतीय रक्षक दल के अधिकारियों के पद को समूह ख में रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके अलावा पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभागों के कार्यों के संचालन के लिए एक महानिदेशक का पद स्वीकृत किया गया।

 

 

 

पहाड़ में कुक्कुट पालन करने वालों को मिलेगी सब्सिडी

पर्वतीय क्षेत्रों में कुक्कुट पालन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने सब्सिडी देने की योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना से करीब दो हजार लाभार्थियों को फायदा मिलने की जानकारी दी गई है।

 

 

 

निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के नियमों में बदलाव

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निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को आसान बनाने के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया। अब तक विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि की आवश्यकता थी, लेकिन नए प्रावधान के तहत 20 हजार वर्ग मीटर भूमि पर भी विश्वविद्यालय स्थापित करने का रास्ता साफ होगा। इसके साथ ही पांच करोड़ रुपये के गारंटी फंड की अनिवार्यता समाप्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

 

 

 

डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी

कैबिनेट बैठक में डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी करने का निर्णय भी लिया गया। इससे संबंधित डॉक्टरों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बढ़ी हुई राशि और लागू होने की तिथि का विवरण आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद स्पष्ट होगा।

 

 

 

प्रदेशभर में नजूल भूमि के नियमितीकरण की तैयारी

सरकार प्रदेश में नजूल भूमि के नियमितीकरण के लिए अभियान चलाएगी। खटीमा, बनबसा और चंपावत के अलावा राज्य के अन्य क्षेत्रों में मौजूद नजूल भूमि को भी इस प्रक्रिया के दायरे में लाने की योजना है। इससे लंबे समय से नियमितीकरण की उम्मीद कर रहे लोगों को राहत मिलने की संभावना है।

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वन भूमि से जुड़े मामलों के निस्तारण पर जोर

वन भूमि से संबंधित लंबित मामलों के निस्तारण के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) बनाने पर चर्चा हुई। साथ ही, इन मामलों के प्रभावी निस्तारण के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। सरकार का उद्देश्य वन भूमि से जुड़े मामलों में प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तेज करना है।

 

 

 

नरेंद्रनगर में खुलेगा सब रजिस्ट्रार कार्यालय

कैबिनेट ने टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में सब रजिस्ट्रार कार्यालय खोलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इससे क्षेत्र के लोगों को रजिस्ट्री और संबंधित कार्यों के लिए सुविधा मिलने की उम्मीद है।

 

 

बैठक में लिए गए इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना, युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देना, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना और विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों को गति देना है।