धामी कैबिनेट में विभागों का बंटवारा: नए चेहरों को बड़ी जिम्मेदारी, CM के पास अब भी सबसे ज्यादा विभाग

उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सरकार ने नए और पुराने मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। इस बार का फेरबदल सिर्फ नए मंत्रियों को जिम्मेदारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई अहम विभागों में बड़ा बदलाव करते हुए पुराने मंत्रियों से लेकर नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार ने भाषा, ग्राम्य विकास और जलागम प्रबंधन जैसे विभागों में भी बदलाव किया है, जो पहले अन्य मंत्रियों के पास थे। वहीं, कई ऐसे विभाग जो अब तक मुख्यमंत्री के पास थे, उन्हें भी नए मंत्रियों को सौंप दिया गया है। इससे मुख्यमंत्री के पास मौजूद विभागों की संख्या में करीब 8 से 10 की कमी आई है और जिम्मेदारियों का बेहतर बंटवारा किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास अब भी सबसे ज्यादा विभाग हैं। उनके पास मंत्रिपरिषद, कार्मिक एवं सतर्कता, सचिवालय प्रशासन, नियोजन, राज्य संपत्ति और सूचना जैसे प्रमुख विभाग हैं। इसके अलावा गृह, कारागार, नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड, सैनिक कल्याण और राजस्व भी उनके पास ही हैं। औद्योगिक विकास (खनन सहित), श्रम, पेयजल, ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा, आबकारी, न्याय, नागरिक उड्डयन, वित्त, वाणिज्य कर, स्टाम्प एवं निबंधन और आवास जैसे अहम विभाग भी मुख्यमंत्री ने अपने पास रखे हैं।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण निर्माण, संस्कृति, धर्मस्व और पर्यटन की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजनाएं, सिंचाई, लघु सिंचाई और सामान्य प्रशासन विभाग भी उनके पास हैं।
गणेश जोशी को कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि विपणन, उद्यान एवं कृषि प्रसंस्करण, उद्यान एवं फलोद्योग और रेशम विकास जैसे विभाग सौंपे गए हैं। वहीं डॉ. धन सिंह रावत को विद्यालयी शिक्षा (बेसिक और माध्यमिक), संस्कृत शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और सहकारिता की जिम्मेदारी दी गई है।
सुबोध उनियाल को वन, निर्वाचन, विधायी एवं संसदीय कार्य और चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग दिए गए हैं। रेखा आर्य के पास महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, खेल और युवा कल्याण विभाग हैं।
सौरभ बहुगुणा को पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य पालन, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग के साथ प्रोटोकॉल और कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग दिए गए हैं।
नए मंत्रियों में खजान दास को समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण और भाषा विभाग की जिम्मेदारी मिली है। भरत सिंह चौधरी को ग्राम्य विकास, MSME और खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग सौंपे गए हैं।
मदन कौशिक को पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा, पुनर्गठन और जनगणना विभाग दिए गए हैं। प्रदीप बत्रा को परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सुशासन, विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन और जलागम प्रबंधन विभाग दिए गए हैं।
सरकार के इस नए विभागीय बंटवारे को प्रशासनिक संतुलन और बेहतर कार्यक्षमता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है।








