उत्तराखण्डकुमाऊं,

देहरादून बॉर्डर से लौटे निहंग, देर रात डीएम-एसएसपी से वार्ता सफल; जानिए 16 जून से अब तक पूरे विवाद की टाइमलाइन

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर गुरुवार देर रात पैदा हुआ तनाव फिलहाल टल गया है। पंजाब और चंडीगढ़ के मोहाली से उत्तराखंड की ओर कूच कर रहे निहंग सिखों का जत्था प्रशासन के साथ लंबी वार्ता के बाद वापस पांवटा साहिब लौट गया। देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने देर रात निहंग प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई।

 

 

डीएम आशीष चौहान ने बताया कि निहंग पांवटा साहिब लौट चुके हैं और देहरादून-हिमाचल बॉर्डर पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी कहा कि पांवटा साहिब में मौजूद करीब 150 निहंगों से भी बातचीत की गई, जो सकारात्मक रही। हालांकि, निहंगों की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

 

 

देर रात बैरिकेडिंग तोड़कर देहरादून में घुसे थे निहंग

इससे पहले देर रात करीब आठ निहंग हिमाचल सीमा से उत्तराखंड में प्रवेश करने पहुंचे। पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन्हें बॉर्डर पर रोकने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस हो गई। आरोप है कि निहंगों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और देहरादून में प्रवेश कर गए।

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मौके पर मौजूद पुलिस और आईटीबीपी के जवानों के सामने ही कुछ निहंग तलवारें लहराते हुए देहरादून-पांवटा हाईवे की ओर बढ़ गए। उन्हें रोकने के लिए लगाए गए दो डंपरों में भी तोड़फोड़ की गई। इसके बाद रात करीब एक बजे 10 से 15 निहंग देहरादून के रेसकोर्स गुरुद्वारे पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया। देर रात करीब ढाई बजे तक चली वार्ता के बाद निहंग वापस लौटने पर सहमत हो गए।

 

 

हालांकि, प्रशासन को अभी भी कुछ अन्य निहंगों के उत्तराखंड में मौजूद होने की सूचना मिली है, जिन पर नजर रखी जा रही है।

 

 

अभी पूरी नहीं हुई निहंगों की मांग

उत्तराखंड के लिए रवाना होने से पहले गुरुवार सुबह मोहाली के सोहाना गुरुद्वारे में निहंग सिखों की बैठक हुई थी। बैठक में उन्होंने कर्णप्रयाग हिंसा मामले में गिरफ्तार चार निहंगों की रिहाई, उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने और घटना में शामिल स्थानीय लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी।

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फिलहाल उनकी कोई भी मांग पूरी नहीं हुई है और गिरफ्तार निहंग अब भी पुलिस हिरासत में हैं।

 

 

क्या है पूरा विवाद?

पूरा मामला 16 जून को कर्णप्रयाग बाजार में हुई हिंसक झड़प से जुड़ा है। हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंग सिखों के एक जत्थे की बाइक एक कार से टकरा गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और तलवारों व धारदार हथियारों से हमले के आरोप लगे, जिसमें कई स्थानीय लोग घायल हुए। पुलिस ने इस मामले में चार निहंगों को गिरफ्तार किया था।

 

इसके बाद नगरासू गुरुद्वारे में बंधक बनाने की घटना, पुलिस घेराबंदी, कई दौर की वार्ता, केस ट्रांसफर और दोबारा उत्तराखंड कूच जैसे घटनाक्रम सामने आए। गुरुवार देर रात प्रशासन के साथ सफल वार्ता के बाद फिलहाल तनाव टल गया है, लेकिन पूरे मामले की जांच जारी है।

 

 

16 जून से अब तक की पूरी टाइमलाइन

16 जून: कर्णप्रयाग बाजार में कार और बाइक की टक्कर के बाद हिंसक झड़प, कई लोग घायल, चार निहंग गिरफ्तार।

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20 जून: सिख पक्ष की शिकायत पर स्थानीय लोगों के खिलाफ काउंटर एफआईआर दर्ज।

 

20 जून (शाम): नगरासू गुरुद्वारे में बंधक बनाए जाने और निहंगों के छत पर चढ़ने से नया विवाद।

 

21 जून: पुलिस, PAC और ITBP ने गुरुद्वारे की घेराबंदी की, सुरक्षा के मद्देनजर इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद।

 

22 जून: कई दौर की वार्ता के बाद बंधक सुरक्षित मुक्त, निहंग नीचे उतरे।

 

23 जून: दोनों एफआईआर की जांच हरिद्वार ट्रांसफर, कोर्ट में बिना पगड़ी पेश करने के आरोपों की जांच के आदेश।

 

24-25 जून: नगरासू से निहंग पंजाब लौटे, चमोली और रुद्रप्रयाग के संवेदनशील इलाकों में धारा 163 लागू।

 

25 जून: एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग को लेकर 150-200 निहंग दोबारा उत्तराखंड के लिए रवाना हुए। कुल्हाड़ चेकपोस्ट पर बैरिकेडिंग तोड़ी और तनाव की स्थिति बनी।

 

25 जून (देर रात): देहरादून डीएम और एसएसपी की मैराथन वार्ता सफल रही। निहंग वापस पांवटा साहिब लौट गए और प्रशासन ने सीमा पर शांति बहाल होने की पुष्टि की।