मानव–वन्यजीव संघर्ष के खतरे के चलते नैनीताल के तीन विकासखंडों में स्कूल व आंगनबाड़ी तीन दिन बंद, आदेश जारी

नैनीताल न्यूज़– जनपद नैनीताल के धारी, ओखलकाण्डा और रामगढ़ विकासखंडों में मानव–वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं और आदमखोर वन्यजीव की सक्रियता की सूचना के बाद जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने इन क्षेत्रों में संचालित सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन दिन का अवकाश घोषित किया है।
जिला प्रशासन के अनुसार, इन पर्वतीय क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बच्चों को विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचने के लिए सुनसान मार्गों, पगडंडियों और वन क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है। इससे छोटे बच्चों और स्कूली छात्रों की जान-माल की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। संभावित किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए यह निर्णय लिया गया है।
आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिलाधिकारी ने आदेश जारी किया है कि विकासखंड धारी, ओखलकाण्डा और रामगढ़ में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों (कक्षा 01 से 12 तक) तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में दिनांक 19 जनवरी 2026 से 21 जनवरी 2026 तक (तीन दिवसीय) अवकाश रहेगा।
यह आदेश छात्रों, आंगनबाड़ी बच्चों के साथ-साथ संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों पर भी समान रूप से लागू होगा। संबंधित कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि इस अवधि में किसी भी बच्चे को विद्यालय या आंगनबाड़ी केंद्र में न बुलाया जाए।
जिला प्रशासन ने वन विभाग, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। हालात सामान्य होने पर आगे के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे। मुख्य शिक्षाधिकारी, जनपद नैनीताल और जिला कार्यक्रम अधिकारी, नैनीताल को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि इस आदेश की जानकारी समय रहते सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े अभिभावकों तक पहुंचा दी जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का कड़ाई से पालन किया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।









