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जनगणना में बाधा डालने वालों पर होगी एफआईआर, मकान सूचीकरण में असहयोग पर सरकार सख्त

देहरादून न्यूज- प्रदेश में चल रहे जनगणना के पहले चरण के मकान सूचीकरण कार्य (एचएलओ) में बाधा डालने वाले व्यक्तियों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि भवन गणना कार्य में असहयोग करने, गलत जानकारी देने या प्रगणकों को काम से रोकने वालों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

 

राज्य की मुख्य जनगणना अधिकारी एवं निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि जनगणना कार्य में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ संबंधित चार्ज अधिकारी एफआईआर दर्ज कराएंगे। इनमें जिलाधिकारी, मुख्य नगर अधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और ब्लॉक विकास अधिकारी शामिल हैं। खास बात यह है कि मुकदमा सीधे जनगणना कार्मिकों द्वारा नहीं बल्कि उनकी शिकायत के आधार पर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से दर्ज कराया जाएगा।

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प्रदेश में वर्तमान में जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और भवन गणना का कार्य तेजी से चल रहा है। अब तक राज्य में 70 प्रतिशत से अधिक मकानों का सूचीकरण पूरा किया जा चुका है। हालांकि कई क्षेत्रों में प्रगणकों को लोगों के असहयोग का सामना करना पड़ रहा है।

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जानकारी के अनुसार कुछ भवन स्वामी प्रगणकों को जरूरी जानकारी देने से इनकार कर रहे हैं। कई जगह उन्हें मकानों के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा, जबकि मकानों के बाहर लिखी जा रही भवन संख्या को भी मिटाने की शिकायतें सामने आई हैं। इससे भवन गणना कार्य प्रभावित होने के साथ-साथ देरी भी हो रही है।

 

 

शासन ने चार मई को अधिसूचना जारी कर सभी नागरिकों से जनगणना और भवन गणना कार्य में सहयोग की अपील की थी। बावजूद इसके विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों और पॉश कॉलोनियों में सबसे अधिक दिक्कतें सामने आ रही हैं।

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प्रशासन ने साफ किया है कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें बाधा डालना कानूनन अपराध की श्रेणी में आएगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं और सूचीकरण कार्य में पूरा सहयोग दें।