उत्तराखण्डकुमाऊं,

बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग पर वन अधिकार संगठन का आंदोलन तेज, “चाय पर चर्चा” में बनी बड़ी रणनीति

बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन द्वारा आयोजित “चाय पर चर्चा” कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के जागरूक नागरिकों, संगठन पदाधिकारियों और ग्रामवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए आंदोलन को और मजबूत बनाने तथा आगामी रणनीति पर विस्तार से मंथन किया।

 

 

कार्यक्रम का आयोजन पुराना बिंदुखत्ता निवासी सूबेदार केदार सिंह बिष्ट के आवास पर किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि वन अधिकार संगठन द्वारा राजस्व ग्राम की मांग को लेकर अब तक किए गए प्रयास ऐतिहासिक और सराहनीय रहे हैं। उन्होंने बताया कि लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में 50 हजार से अधिक मतदाता गैर-राजस्व भूमि पर निवास कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

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बैठक में सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों से अपील की गई कि आगामी विधानसभा चुनाव में वन भूमि पर बसे परिवारों में से किसी योग्य व्यक्ति को प्रत्याशी बनाने पर विचार किया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि आचार संहिता लागू होने से पहले राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी नहीं होती और वन भूमि पर बसे किसी व्यक्ति को उम्मीदवार नहीं बनाया जाता, तो वन अधिकार संगठन स्वयं अपना प्रत्याशी मैदान में उतारने के विकल्प पर विचार करेगा।

 

 

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 19 जून 2026 को राजस्व ग्राम संबंधी दावों की स्वीकृति के दो वर्ष पूर्ण होने पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा ग्रामवासियों के सुझाव पर न्यायालय की शरण लेने के विकल्प पर भी चर्चा की गई। इस विषय पर अंतिम निर्णय आगामी “चाय पर चर्चा” कार्यक्रमों में प्राप्त जनमत के आधार पर लिया जाएगा।

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संगठन ने पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत मौसम अनुकूल होने पर जिला मुख्यालय का घेराव करने और उसके बाद देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में आमरण अनशन शुरू करने की तैयारी करने की भी घोषणा की। आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए बूथ स्तर पर कम से कम 10-10 लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु सूची तैयार करने का निर्णय लिया गया।

 

 

वक्ताओं ने कहा कि वन अधिकार संगठन के अभियान को लगातार व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है, जिससे आंदोलन को नई ऊर्जा और मजबूती प्राप्त हो रही है। संगठन ने क्षेत्र के नागरिकों से स्वप्रेरणा से “चाय पर चर्चा” जैसे जनजागरण कार्यक्रम आयोजित कर अभियान को आगे बढ़ाने में सहयोग और मार्गदर्शन देने की अपील की।

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कार्यक्रम में सूबेदार नेजर खिलाफ सिंह दानू, कैप्टन प्रताप सिंह बिष्ट, कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी, सूबेदार केदार सिंह बिष्ट, सूबेदार बलवंत सिंह बिष्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, एडवोकेट बलवंत सिंह बिष्ट, भुवन भट्ट, गोविंद बोरा, सुंदर बिष्ट, दर्शन सिंह, रमेश सुयाल, एस.डी. मेलकानी, तारा दत्त जोशी, दीपक नेगी, भूपेश जोशी, धन सिंह गड़िया, प्रदीप कुंवर, गोबिंद सिंह बिष्ट सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।