हाईकोर्ट ने वर्कचार्ज कर्मचारियों की पेंशन रोकने के आदेश पर लगाई रोक, सरकार से मांगा जवाब

नैनीताल न्यूज़– उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और सिंचाई विभाग के नियमित वर्कचार्ज कर्मचारियों को पेंशन से बाहर करने संबंधी वित्त विभाग के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को मामले में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
गुरुवार को अवकाशकालीन पीठ में न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की एकलपीठ ने सेवानिवृत्त कर्मचारी राम सिंह सैनी व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि वर्ष 1980 से 2025 तक कार्यरत रहे वर्कचार्ज कर्मचारियों और उनके मृतक आश्रितों को पेंशन व अन्य देयकों का भुगतान किया जा रहा था, लेकिन हाल ही में इसे बंद कर दिया गया। राज्य में ऐसे नियमित वर्कचार्ज सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या करीब 10 हजार बताई गई है।
याचिका में कहा गया कि वित्त विभाग ने 16 जनवरी को जारी कार्यालय आदेश में 1 अक्टूबर 2005 के बाद नियमित किए गए वर्कचार्ज कर्मचारियों को पेंशन के दायरे से बाहर कर दिया। जबकि ये कर्मचारी 2021-22 में सेवानिवृत्त हुए थे और उन्हें पहले पेंशन का लाभ मिल रहा था।
याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2018 के “प्रेम सिंह बनाम उत्तर प्रदेश सरकार” मामले का हवाला देते हुए कहा कि शीर्ष अदालत ने नियमित किए गए कर्मचारियों की वर्कचार्ज सेवा को जोड़ते हुए उन्हें पेंशन समेत अन्य लाभ देने का आदेश दिया था। इसके बावजूद शासन ने मनमाना आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से पेंशन बंद कर दी और सेवारत कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) से जोड़ने का निर्णय लिया।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने वित्त विभाग के आदेश पर फिलहाल रोक लगाते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है।








