उत्तराखंड में निजी पेट्रोल पंपों पर कीमतों में उछाल: पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा, सरकारी पंपों पर राहत

देहरादून न्यूज़– उत्तराखंड में निजी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी कर दी गई है। गुरुवार सुबह से लागू नई दरों के अनुसार पेट्रोल ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा हो गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
नायरा (Nayara) के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की कीमत 93.58 रुपए से बढ़कर 98.58 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 88.21 रुपए से बढ़कर 91.21 रुपए प्रति लीटर हो गया है। इस बढ़ोतरी के बाद निजी और सरकारी पंपों के रेट में साफ अंतर देखने को मिल रहा है।
वहीं सरकारी तेल कंपनियां—इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)—ने फिलहाल अपने दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। देहरादून में IOCL और BPCL के अनुसार पेट्रोल 93.35 रुपए और डीजल 88.24 रुपए प्रति लीटर पर स्थिर है।

निजी पंप संचालकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के चलते उन्हें कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। हालांकि, राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी पंपों पर ईंधन की कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं और आपूर्ति भी पूरी तरह सामान्य है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में आकर बेवजह पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं, क्योंकि राज्य में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और केंद्र सरकार के संपर्क में है।
इस बीच, पिछले सप्ताह प्रीमियम क्वालिटी पेट्रोल के दामों में भी ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके अलावा औद्योगिक उपयोग के लिए बेचे जाने वाले बल्क डीजल की कीमतों में ₹22 प्रति लीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर सैन्य हमलों के बाद वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ गई, जिसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत 70 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस उछाल की बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ा तनाव है। यह 167 किलोमीटर लंबा जलमार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है, जहां से दुनिया के लगभग 20% तेल की सप्लाई होती है। मौजूदा हालात में इस रूट पर खतरा बढ़ गया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
अल्मोड़ा जैसे क्षेत्रों में, जहां अधिकांश पेट्रोल पंप सरकारी तेल कंपनियों से जुड़े हैं, वहां इस बढ़ोतरी का खास असर नहीं देखने को मिलेगा। फिलहाल आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि सरकारी पंपों पर कीमतें स्थिर बनी हुई।









