गंगा दशहरा के साथ शुरू हुआ नौतपा, दो जून तक पड़ेगी भीषण गर्मी; सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश से बढ़ेगा ताप

इस वर्ष गंगा दशहरा और नौतपा का आगमन एक ही दिन होने से इसका धार्मिक, ज्योतिषीय और वैज्ञानिक महत्व बढ़ गया है। नवग्रहों के राजा सूर्य देव 25 मई को वज्र योग में दोपहर 3:37 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही नौतपा की शुरुआत हो जाएगी, जो दो जून तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में प्रचंड गर्मी पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश को अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। ज्योतिषाचार्य अशोक वार्ष्णेय ने बताया कि 25 मई को सूर्य रोहिणी नक्षत्र में, जबकि बुध मृगशिरा नक्षत्र में गोचर करेंगे। आने वाले नौ दिनों में मंगल, गुरु, शुक्र और राहु भी क्रमशः गोचर करेंगे। सूर्य का रोहिणी में और मंगल का मेष राशि में प्रवेश अग्नि तत्व को प्रबल करेगा, जिससे रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने के आसार हैं।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी नौतपा को महत्वपूर्ण माना जाता है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि इन दिनों पृथ्वी जितनी अधिक तपती है, मानसून उतना ही बेहतर रहने की संभावना बनती है। वहीं ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार तेज धूप और गर्मी से धरती पर मौजूद कीट-पतंगे, फंगस और हानिकारक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं, जिससे पर्यावरण और खेती को लाभ मिलता है।
नौतपा में क्या करें
ज्योतिषाचार्यों ने नौतपा के दौरान शरीर को ठंडा रखने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह दी है। इन दिनों लौकी, तोरई, टिंडा, नींबू पानी, सत्तू का शर्बत और आम का पन्ना ग्रहण करना लाभकारी माना गया है। साथ ही इन चीजों का दान करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। सूर्य देव को जल अर्पित करने और राहगीरों को पानी व शरबत पिलाने से सूर्य कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
इधर मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने की संभावना जताई है। रविवार को भी दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया। अवकाश होने के कारण बाजारों और सड़कों पर अपेक्षाकृत कम भीड़ रही, जबकि दोपहर के समय लोग गर्मी से बचने के लिए मॉल और बंद स्थानों का रुख करते नजर आए।
मौसम विभाग के अनुसार मैदानी इलाकों में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा और तेज धूप खिली रहेगी। रविवार को हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान 28.2 और न्यूनतम 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।








