देहरादून में पुलिस–बदमाश मुठभेड़: चेकिंग के दौरान फायरिंग, एक घायल, दो गिरफ्तार

देहरादून में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब चेकिंग अभियान के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। मामला बसंत विहार थाना क्षेत्र का है, जहां ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की नीली स्कूटी पर सवार दो युवकों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों बैरियर तोड़कर फरार हो गए।
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उनका पीछा किया। भागते समय टी-स्टेट की ओर जा रहे बदमाशों ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें एक आरोपी घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने मौके से दूसरे बदमाश को भी दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार, घायल आरोपी की पहचान अब्दुला (37) निवासी सहारनपुर के रूप में हुई है, जबकि दूसरा आरोपी शाहनवाज सलमानी (33) वर्तमान में देहरादून के सहसपुर क्षेत्र में रह रहा था। दोनों के कब्जे से एक-एक अवैध 315 बोर तमंचा, एक खोखा कारतूस और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। घटना में प्रयुक्त स्कूटी को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109/3(5) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
ऑपरेशन प्रहार क्या है?
देहरादून में 30 मार्च को मॉर्निंग वॉक के दौरान रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की रोड रेज फायरिंग में हत्या के बाद उत्तराखंड सरकार ने अपराधियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अप्रैल 2026 में शुरू हुए इस अभियान में डीजीपी दीपम सेठ के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में सघन चेकिंग, नाकाबंदी और छापेमारी की जा रही है।
इस अभियान का उद्देश्य नशा तस्करों, गैंगस्टरों, इनामी बदमाशों और देश विरोधी तत्वों पर सख्त कार्रवाई करना है। इसके तहत पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगातार अभियान चलाकर कई संदिग्धों और अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं।








