कैंची धाम जाने की है तैयारी? घर से निकलने से पहले पढ़ लें रूट, किराया और ट्रैफिक प्लान की पूरी जानकारी

विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करौरी महाराज के कैंची धाम में 15 जून को आयोजित होने वाले स्थापना दिवस मेले की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने विशेष यातायात एवं परिवहन व्यवस्था लागू कर दी है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 14 और 15 जून को विशेष शटल सेवाएं संचालित की जाएंगी। हल्द्वानी, काठगोदाम, भीमताल, नैनीताल, भवाली और खैरना से कैंची धाम तक बसों और टैक्सी सेवाओं का संचालन किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित यात्रा मिल सके।
परिवहन विभाग के अनुसार बाहरी जिलों और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 60 रोडवेज बसें हल्द्वानी, काठगोदाम रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टेशन से कैंची धाम के लिए चलाई जाएंगी। इसके अलावा कुमाऊं मोटर ओनर्स यूनियन (केएमओयू) की लगभग 150 बसें विभिन्न मार्गों पर संचालित होंगी। वहीं, भीमताल से कैंची धाम तक ग्राफिक एरा संस्थान की 30 विशेष बसें भी लगाई जाएंगी।
श्रद्धालुओं को अंतिम पड़ाव तक पहुंचाने के लिए भवाली से 150 और भीमताल से 100 टैक्सी-मैक्सी वाहन शटल सेवा के रूप में संचालित किए जाएंगे। प्रशासन ने यात्रियों के लिए किराया भी निर्धारित कर दिया है। हल्द्वानी और काठगोदाम से कैंची धाम तक बस का किराया 150 रुपये प्रति यात्री, भीमताल और नैनीताल से 100 रुपये तथा भवाली और खैरना से 50 रुपये प्रति यात्री तय किया गया है। भवाली से संचालित टैक्सी शटल सेवा का किराया भी 50 रुपये प्रति यात्री रखा गया है।
आरटीओ प्रवर्तन अरविंद पांडे ने बताया कि सभी वाहन संचालकों को निर्धारित रूट और किराया सूची वाहन पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई वाहन चालक तय दर से अधिक किराया वसूलता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेले के दौरान भवाली से कैंची धाम तक निजी वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अधिकृत शटल सेवाओं का ही उपयोग करने की अपील की है, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रशासन का कहना है कि विशेष परिवहन व्यवस्था के जरिए मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित यात्रा का लाभ मिलेगा, साथ ही कैंची धाम क्षेत्र में यातायात दबाव को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।








