वज्रांग फॉर्मेशन की तस्वीरें। इस फॉर्मेशन में 6 राफेल विमान 'वज्रांग' फॉर्मेशन में उड़ रहे हैं।
देश ने 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मनाया। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में भारत की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक विविधता और तकनीकी क्षमता का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड का विशेष सांस्कृतिक विषय “स्वतंत्रता का मंत्र–वंदे मातरम्” रहा, जिसने देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया।
इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में पहली बार दो विदेशी मुख्य अतिथि शामिल हुए। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने समारोह में शिरकत कर भारत-यूरोप संबंधों को नई मजबूती का संदेश दिया।
गणतंत्र दिवस परेड में कुल 6065 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। परेड के दौरान सेना, नौसेना और वायुसेना के मार्चिंग कंटिंजेंट ने अनुशासन और शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन किया। इसके साथ ही पशु दल और विशेष बलों की यूनिट्स ने भी परेड में भाग लेकर दर्शकों को आकर्षित किया।
वायुसेना के फ्लाई-पास्ट ने आसमान में रोमांचक दृश्य प्रस्तुत किया। इस दौरान कुल 29 विमानों ने उड़ान भरी, जिनमें 16 लड़ाकू विमान, 4 परिवहन विमान और 9 हेलीकॉप्टर शामिल थे। आसमान में बने त्रिकोणीय और अन्य सैन्य संरचनाओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
देशभर से आए करीब 2500 कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया। विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों की लोक कला, नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
गणतंत्र दिवस 2026 की परेड ने न केवल भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि देश की एकता, विविधता और विकास की भावना को भी उजागर किया। कर्तव्य पथ पर आयोजित यह समारोह देशवासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक बना।
परेड के तमाम रंग दिखातीं तमाम तस्वीरें…
गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में उर्सुला वॉन डेर लेयेन, पीएम मोदी और एंटोनियो कोस्टा ।भारतीय वायु सेना की 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार Mi-17 1V हेलीकॉप्टर से ध्वज फॉर्मेशन बनाया। कर्तव्य पथ पर फूल बरसाए। ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत की ने इसकी अगुवाई की।यूरोपीय संघ (EU) दल में 3 जिप्सियों पर 4 ध्वजवाहक शामिल हुए। मंच पर सैल्यूट किया।धनुष गन सिस्टम और अमोघ (एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम, ATAGS) ने आत्मनिर्भर भारत की रक्षा क्षमता को दर्शाया।344 मिसाइल रेजिमेंट के कैप्टन अनिमेष रोहिला के नेतृत्व में वेपन सिस्टम कर्तव्य पथ पर शामिल हुआ।कर्तव्य पथ पर असम रेजिमेंट की टुकड़ी ने मार्च किया और सलामी दी। इस दौरान अपना प्रसिद्ध रेजिमेंटल गीत ‘बदलूराम का बदन’ गाया।कुमाऊं रेजिमेंट, 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और 11 गोरखा राइफल्स के कंबाइंड मिलिट्री बैंड में 74 म्यूजिशियन ने मार्च किया।एनिमल कंटिन्मेंट की परेड में शामिल बैक्ट्रियन ऊंट, जांस्कर टट्टू और काली चील। ये सीमा पर तैनात गुमनाम नायकों की भूमिका बलिदान को बताते हैं।परेड में थल सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त झांकी। यह दर्शाती है कि देश की सीमाएं सुरक्षित हाथों में है।मिश्रित स्काउट्स टुकड़ी ने का नेतृत्व लेफ्टिनेंट अमित चौधरी (2 अरुणाचल स्काउट्स) ने किया। यह टुकड़ी भारतीय सेना की उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात विशिष्ट पैदल सेना इकाइयों का प्रतिनिधित्व करती है।पैराशूट रेजिमेंट, ब्रिगेड ऑफ द गाईस और राजपूताना राइफल्स के संयुक्त मिलिट्री बैंड में 75 संगीतकार हुए।सिख लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंट की 4 भैरव बटालियन, मेजर अंजुम गोरखा के नेतृत्व में पैदल मार्च करते हुएकर्तव्य पथ पर T-90 भीष्म टैंक, अर्जुन Mk I मेन बैटल टैंक का प्रदर्शन किया गया।वज्रांग फॉर्मेशन की तस्वीरें। इस फॉर्मेशन में 6 राफेल विमान ‘वज्रांग’ फॉर्मेशन में उड़ रहे हैं।उत्तर प्रदेश की झांकी में बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक यूपी की प्रगति दिखाई गई। कालिंजर से प्राप्त एकमुख लिंग उसकी गहरी आध्यात्मिक परंपरा और स्थापत्य कला का प्रतीक रहा।छत्तीसगढ़ की झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाते गई। ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानूनों के खिलाफ लड़ने वाले अमर आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि दी गई।गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के खत्म होने के बाद पीएम मोदी ने लोगों का अभिवादन किया।