नौतपा की तपिश फिर बढ़ाएगी पारा, 26-27 मई को उत्तराखंड के मैदानी जिलों में हीट वेव का अलर्ट

उत्तराखंड में तीन दिनों तक चली भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तापमान के बाद पिछले दो दिनों में लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। 25 मई से नौतपा शुरू होते ही प्रदेश में एक बार फिर तेज गर्मी और हीट वेव जैसी स्थिति बनने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 26 और 27 मई को कई मैदानी जिलों में हीट वेव को लेकर चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार ऊधम सिंह नगर, देहरादून और हरिद्वार जिलों के साथ-साथ नैनीताल और चंपावत के मैदानी इलाकों में तेज गर्म हवाएं चल सकती हैं और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि 29 मई के बाद प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या होता है नौतपा?
इस वर्ष नौतपा 25 मई से 2 जून तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, जिससे गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है। वहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो इस समय सूर्य की किरणें पृथ्वी पर लगभग सीधी पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है और तेज तपिश महसूस होती है।
नौतपा और मानसून का संबंध
लोक मान्यताओं के अनुसार नौतपा जितना अधिक गर्म होता है और जितनी तेज धूप पड़ती है, मानसून उतना ही बेहतर माना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे अच्छी बारिश का संकेत भी माना जाता है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि 29 मई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में 29 से 31 मई के बीच बारिश, तेज हवाएं और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं 30 और 31 मई को मैदानी क्षेत्रों में भी बादल छाने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के कारण 22 और 23 मई को पिथौरागढ़, बागेश्वर समेत गढ़वाल के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चलीं, जिससे तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई। अब आने वाले दिनों में फिर से गर्मी बढ़ने की संभावना है।








