उत्तराखण्डकुमाऊं,गढ़वाल,

उत्तराखंड में 4 जुलाई से ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण, 15 दिन तक लगेंगे समाधान शिविर

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड सरकार प्रदेशवासियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 4 जुलाई से ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह विशेष अभियान 15 दिनों तक चलाया जाएगा।

 

 

अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों, ब्लॉकों और तहसीलों में विशेष जनसमस्या समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे और लोगों की शिकायतों एवं समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास करेंगे। जिन मामलों का तत्काल निस्तारण संभव नहीं होगा, उन्हें तय समयसीमा के भीतर संबंधित विभागों के माध्यम से हल कराया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: हरिद्वार जमीन घोटाला—दो IAS और एक PCS अधिकारी पर विभागीय जांच शुरू, सरकार ने दिए आदेश

 

 

सरकार का उद्देश्य आम जनता को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और सरकारी सेवाओं को सीधे लोगों के द्वार तक पहुंचाना है। अभियान के दौरान राजस्व, पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण, पेंशन, राशन कार्ड, कृषि, शिक्षा और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतों का भी निस्तारण किया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी को दहला देने वाले 2022 हत्या कांड में चारों आरोपित बरी, साबित नहीं हुआ अपराध

 

 

 

राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को अभियान के सफल संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शिविरों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा गया है।

यह भी पढ़ें 👉  BIG BREAKING: हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दी अगली तारीख

 

 

सरकार का मानना है कि इस अभियान से जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा, प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होगा।