नैनीताल में दर्दनाक हादसा: जंगल गई महिला को जंगली जानवर उठा ले गया, 4 किमी अंदर मिला अधखाया शव

नैनीताल न्यूज़- उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। भीमताल ब्लॉक के सूर्या गांव में घास लेने जंगल गई महिला को जंगली जानवर उठा ले गया। देर रात उसका अधखाया शव जंगल के भीतर 2 से 4 किलोमीटर अंदर मिला, जिसे ग्रामीण बड़ी मुश्किल से गांव तक लेकर आए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।
मृतका की पहचान हंसी देवी (पत्नी लाल सिंह) के रूप में हुई है। वह शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे रोज की तरह मवेशियों के लिए घास लेने जंगल गई थीं, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटीं।

देर शाम तक नहीं लौटीं, तो शुरू हुई तलाश
परिजनों को जब देर तक उनकी कोई खबर नहीं मिली तो चिंता बढ़ गई। ग्रामीणों के साथ मिलकर उनकी तलाश शुरू की गई। गांव के लोग अलग-अलग दिशाओं में जंगल की ओर निकले, क्योंकि यह इलाका पहले से ही वन्यजीवों की गतिविधियों के लिए जाना जाता है।
जंगल में मिले कपड़े, बढ़ी अनहोनी की आशंका
तलाशी के दौरान जंगल के भीतर महिला के कपड़े मिले, जिससे अनहोनी की आशंका गहरा गई। इसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
देर रात तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
वन विभाग को शाम करीब 6 बजे सूचना मिली, जिसके बाद रेंजर नितिन पंत के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। अंधेरे के बावजूद कई घंटे तक जंगल में तलाश जारी रही।
2 से 4 किमी अंदर मिला अधखाया शव
काफी खोजबीन के बाद महिला का शव जंगल के अंदर 2 से 4 किलोमीटर दूर बरामद हुआ। शव बुरी तरह क्षत-विक्षत था। महिला का एक हाथ और एक पैर जंगली जानवर खा चुका था। शव को जिस तरह से अंदर घसीटा गया था, उससे हमले की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ग्रामीणों ने डंडों के सहारे शव को पहुंचाया गांव
जंगल के कठिन रास्तों के चलते शव को बाहर लाना बेहद मुश्किल था। ग्रामीणों ने कपड़े की पोटली बनाकर शव को डंडों के सहारे कंधों पर उठाकर गांव तक पहुंचाया। यह दृश्य बेहद मार्मिक था।
गुलदार या बाघ? जांच के बाद होगा खुलासा
डीएफओ आकाश गंगवार के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमला गुलदार ने किया है या बाघ ने। शव के सैंपल लेकर डीएनए जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही हमलावर की पुष्टि हो सकेगी।
पहले भी दिख चुका है बाघ, ग्रामीणों में दहशत
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी बाघ देखे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।
आक्रोशित ग्रामीणों का प्रदर्शन
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और हमलावर जानवर को जल्द पकड़ने की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई।
नेशनल खिलाड़ियों का परिवार सदमे में
हंसी देवी के तीन बेटे हैं, जिनमें कमल सिंह और बालम खो-खो के नेशनल खिलाड़ी हैं, जबकि सूरज राज्य स्तर के खिलाड़ी हैं। मां की मौत के बाद तीनों बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
वन विभाग ने इलाके में कैमरा ट्रैप और पिंजरे लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि जल्द से जल्द हमलावर वन्यजीव को पकड़ा जा सके।








