उत्तराखंड- यहाँ हुआ दर्दनाक हादसा: इनोवा कार अलकनंदा में गिरी, दो की मौत; कई लोगों के फंसे होने की आशंका

टिहरी न्यूज- बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवप्रयाग के समीप मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। साकनीधार स्थित गंगा दर्शन होटल के पास एक इनोवा कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरते हुए अलकनंदा नदी में समा गई। हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं वाहन में सवार अन्य लोगों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, इनोवा कार ऋषिकेश की ओर जा रही थी। सुबह करीब 10 बजे के आसपास अचानक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद कार सड़क से फिसलकर लगभग 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी और सीधे अलकनंदा नदी में समा गई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि वाहन नदी के तेज बहाव में पूरी तरह डूब गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वाहन में सात से अधिक लोग सवार थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही देवप्रयाग कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।
रेस्क्यू अभियान के लिए एसडीआरएफ की व्यासी, श्रीनगर और ढालवाला इकाइयों की तीन टीमों को घटनास्थल पर तैनात किया गया है। अब तक दो शव नदी से बरामद किए जा चुके हैं, जबकि एक गंभीर घायल को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया है। अन्य यात्रियों की तलाश जारी है।
मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार, नदी का तेज बहाव, गहरी खाई और दुर्गम भूभाग बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बन रहे हैं। लापता लोगों की खोज के लिए गोताखोरों की भी मदद ली जा रही है। एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।
पुलिस मृतकों की शिनाख्त करने और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया में लगी हुई है। प्रशासन ने आसपास के लोगों से भी सहयोग की अपील की है। देर शाम तक रेस्क्यू अभियान जारी रहने की संभावना है।
मुख्य बिंदु
- देवप्रयाग के साकनीधार स्थित गंगा दर्शन होटल के पास हुआ हादसा।
- इनोवा कार अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में गिरी।
- दो लोगों की मौत, एक गंभीर घायल।
- वाहन में सात से अधिक लोगों के सवार होने की आशंका।
- एसडीआरएफ की तीन टीमें और पुलिस चला रही हैं रेस्क्यू अभियान।
- नदी के तेज बहाव और गहरी खाई के कारण बचाव कार्य में आ रही कठिनाइयां।








