उत्तराखंड- यहाँ खंडहरनुमा मकान से 35 वर्षीय महिला का शव बरामद, तीन दिन से थी लापता; नशे की लत और हत्या दोनों एंगल से जांच

राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा क्रॉसिंग के पास स्थित चूनाभट्टा इलाके में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक खंडहरनुमा मकान से करीब 35 वर्षीय महिला का शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
तीन दिन से लापता थी महिला
परिजनों के अनुसार महिला पिछले तीन दिनों से घर से लापता थी। परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि तलाश का अंत इस दर्दनाक घटना के साथ होगा। बताया जा रहा है कि महिला का पति ऑटो चालक है और परिवार में तीन से चार साल का एक छोटा बच्चा भी है।
नशे की लत ने बिगाड़ी जिंदगी
जानकारी के मुताबिक महिला लंबे समय से स्मैक की लत का शिकार थी। परिजनों ने उसे कई बार समझाने की कोशिश की और नशामुक्ति केंद्र में भी भर्ती कराया था। कुछ समय तक स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में वह फिर से नशे की गिरफ्त में आ गई। पुलिस को महिला के हाथों पर कई निशान भी मिले हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वह इंजेक्शन के जरिए भी नशा करती थी। ऐसे में ड्रग ओवरडोज का एंगल भी सामने आ रहा है। हालांकि महिला के सिर पर चोट के निशान मिलने से हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
परिजनों ने पुलिस पर लगाए आरोप
घटना के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश है। उनका आरोप है कि चूनाभट्टा इलाके में लंबे समय से खुलेआम नशे का कारोबार चल रहा है। इस संबंध में कई बार पुलिस से शिकायत भी की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते सख्ती बरती जाती, तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी।
‘ड्रग फ्री देवभूमि’ अभियान पर उठे सवाल
देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में नशे के बढ़ते मामलों को लेकर पहले से ही चिंता जताई जाती रही है। पुलिस विभाग भले ही ‘ड्रग फ्री देवभूमि’ अभियान चला रहा हो, लेकिन जमीनी हालात इन दावों पर सवाल खड़े करते नजर आ रहे हैं। चूनाभट्टा की यह घटना न सिर्फ एक महिला की मौत है, बल्कि उस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है जो नशे के कारोबार को रोकने में नाकाम साबित हो रही है।








