उत्तराखंड- यहाँ डॉक्टर की नदी में गिरने से मौत, स्ट्रीट लाइट और रेलिंग न होने से हुआ हादसा
लोहाघाट के बाड़ीगाड़ क्षेत्र में देर रात हुआ दर्दनाक हादसा, ग्रामीणों का मुफ्त इलाज करने वाले डॉक्टर के निधन से क्षेत्र में शोक

उत्तराखंड के चंपावत जिले में एक दर्दनाक हादसे में मायावती अस्पताल के डेंटिस्ट डॉ. लोकेश जोशी की नदी में गिरने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अंधेरा होने और नदी किनारे सुरक्षा रेलिंग नहीं होने के कारण उनका पैर फिसल गया, जिससे वह करीब 14 फीट नीचे बह रही बाड़ीगाड़ नदी में जा गिरे। हादसे में सिर पर गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, मूल रूप से कश्मीर से जुड़े तथा पिथौरागढ़ से पारिवारिक संबंध रखने वाले 40 वर्षीय डॉ. लोकेश जोशी पिछले छह वर्षों से लोहाघाट स्थित प्रसिद्ध मायावती अस्पताल में डेंटिस्ट के रूप में सेवाएं दे रहे थे। वे अपनी पत्नी डॉली जोशी और नौ वर्षीय पुत्री के साथ लोहाघाट के बाड़ीगाड़ क्षेत्र में किराये के मकान में रहते थे।
मंगलवार रात ड्यूटी पूरी करने के बाद डॉ. जोशी स्कूटी से अपने घर पहुंचे। उन्होंने हमेशा की तरह सड़क किनारे स्कूटी खड़ी की और पैदल घर की ओर जाने लगे। इसी दौरान अंधेरे और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सड़क से नीचे नदी में जा गिरे।
काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर उनकी पत्नी डॉली जोशी चिंतित हो गईं और उनकी तलाश में बाहर निकलीं। खोजबीन के दौरान उन्होंने नदी की ओर देखा तो डॉ. लोकेश गंभीर अवस्था में नीचे पड़े दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने शोर मचाकर स्थानीय लोगों को बुलाया।
सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और भारी मशक्कत के बाद उन्हें नदी से बाहर निकाला। हालांकि तब तक सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो चुकी थी।
डॉ. लोकेश जोशी अपने मिलनसार स्वभाव और सामाजिक सेवाओं के लिए क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। वे समय-समय पर दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों का निःशुल्क दंत उपचार भी करते थे। उनके आकस्मिक निधन से मायावती अस्पताल, स्थानीय लोगों और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
स्थानीय लोगों ने हादसे के लिए क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा रेलिंग की कमी को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासन से आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।








