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उत्तराखंड: पूरे राज्य में तंबाकू-निकोटिन युक्त खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष का प्रतिबंध

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड में जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला समेत अन्य खाद्य उत्पादों पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया गया है। आदेश के तहत ऐसे उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर रोक रहेगी। यह प्रतिबंध आदेश जारी होने की तारीख से एक वर्ष की अवधि तक प्रभावी रहेगा।

 

 

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत जारी आदेश में कहा गया है कि खाद्य उत्पादों में संघटक के रूप में तंबाकू और निकोटिन का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। इसके बावजूद गुटखा और पान मसाला जैसे उत्पादों में इनका उपयोग किए जाने के कारण जनस्वास्थ्य के हित में यह कदम उठाया गया है।

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खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लिया गया फैसला

आदेश में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 26 और धारा 92 के तहत बनाए गए खाद्य सुरक्षा और मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बन्धन) विनियम, 2011 के विनियम 2.3.4 का उल्लेख किया गया है। इस विनियम के तहत किसी खाद्य उत्पाद में संघटक के रूप में तंबाकू और निकोटिन के उपयोग पर प्रतिबंध है।

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पूरे राज्य में लागू होगा प्रतिबंध

आदेश के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 30(2) के तहत राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को जनस्वास्थ्य के हित में खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार है। इसी प्रावधान के तहत उत्तराखंड में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला तथा किसी भी नाम से बाजार में उपलब्ध ऐसे अन्य खाद्य उत्पादों पर रोक लगाई गई है।

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एक साल तक नहीं होगा निर्माण और बिक्री

प्रतिबंध के दायरे में आने वाले उत्पादों का निर्माण करने, उनका भंडारण करने, वितरण करने और बिक्री करने पर रोक रहेगी। आदेश का उद्देश्य खाद्य उत्पादों में तंबाकू और निकोटिन के इस्तेमाल को रोकना तथा आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है।