उत्तराखण्डगढ़वाल,

उत्तराखंड- इस जिले में वाहन पंजीकरण के नियम सख्त: पुलिस सत्यापन के बिना नहीं होगा रजिस्ट्रेशन

देहरादून न्यूज़– दूसरे राज्यों से एनओसी लेकर देहरादून में यात्री वाहन पंजीकृत कराने वाले वाहन स्वामियों के लिए अब नियम और सख्त कर दिए गए हैं। आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि पुलिस सत्यापन के बिना अब किसी भी वाहन का पंजीकरण नहीं किया जाएगा।

 

आरटीओ के अनुसार, हाल के दिनों में कुछ संदिग्ध मामलों के सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है। जांच में पाया गया कि कई आवेदनों में पते और पहचान से जुड़े दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां थीं। इससे गलत जानकारी के आधार पर पंजीयन प्रमाण-पत्र जारी होने का खतरा बढ़ गया था।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड- यहाँ हुआ भीषण सड़क हादसा, अंतिम संस्‍कार से लौट रहा वाहन हुआ दुर्घटना का शिकार, उड़े परखच्‍चे, तीन की मौत

 

12 सीटर से अधिक वाहनों पर विशेष सख्ती
गुरुवार को जारी आदेश में कहा गया है कि 12 सीटर से अधिक क्षमता वाले यात्री वाहनों के पंजीकरण और परमिट से जुड़े सभी कार्य अब पूर्ण दस्तावेज सत्यापन के बाद ही किए जाएंगे। आदेश लागू होते ही आरटीओ कार्यालयों में हलचल बढ़ गई है, क्योंकि बड़ी संख्या में आवेदन अधूरे दस्तावेजों के कारण लंबित हैं।

 

आरटीओ ने ‘सत्यापन पहले, सेवा बाद में’ नीति लागू करते हुए साफ किया है कि यदि किसी भी फाइल में एक भी दस्तावेज कम पाया गया तो आवेदन तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं क्षेत्र के इस वरिष्ठ पत्रकार का हुआ निधन

 

एजेंटों पर भी कड़ी निगरानी
विभाग ने एजेंटों की भूमिका पर भी निगरानी बढ़ा दी है। वाहन स्वामियों को निर्देश दिया गया है कि आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेजों की दोबारा जांच कर लें, ताकि प्रक्रिया में देरी न हो।

 

विभाग का दावा है कि इस नई व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगेगी।

 

📌 आरटीओ की नई गाइडलाइन

  • वाहन स्वामी/ऑपरेटर को स्थायी भवन स्वामित्व प्रमाण या पंजीकृत किरायानामा देना अनिवार्य।
  • स्थानीय पुलिस से वाहन स्वामी/किरायेदार का सत्यापन अनिवार्य।
  • फर्म के मामले में जीएसटी प्रमाण-पत्र जरूरी।
  • संभागीय अधिकारी या निरीक्षक की संयुक्त तकनीकी व भौतिक जांच रिपोर्ट अनिवार्य।
  • रिपोर्ट में वाहन के मूल रंग और भौतिक सत्यापन के दौरान दिखे रंग का उल्लेख आवश्यक।
  • राज्य में नए वाहनों में अधिकृत जीपीएस लगाना अनिवार्य।
  • वाहन स्वामी के पिछले तीन वर्ष की आयकर रिटर्न रिपोर्ट देनी होगी।
  • पूरी प्रक्रिया के बाद ही वाहन ट्रांसफर या पंजीकृत किया जाएगा।
यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड- यहाँ सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखे वीडियो के शव को कुतर गए चूहें, सुबह हालत देख दंग रह गए परिजन

 

आरटीओ प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय पारदर्शिता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।