अगले 18 घंटे भारी! नैनीताल-अल्मोड़ा में रेड अलर्ट, सावधान रहें

नैनीताल/अल्मोड़ा- उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर खतरनाक रूप ले सकता है। अगले 18 घंटों के लिए नैनीताल और अल्मोड़ा जनपद के कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी से अत्यंत भारी वर्षा, गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के अत्यंत तीव्र दौर होने की संभावना जताई गई है।
जारी चेतावनी के अनुसार 1 सितंबर 2026 को शाम 3:58 बजे से 2 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे तक नैनीताल और अल्मोड़ा जिले के कई इलाकों में मौसम बेहद खराब रहने की आशंका है।
अलर्ट के दायरे में अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया, भिकियासैंण, रानीखेत, भनोली, कटारमल, जयंती और द्वाराहाट सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। वहीं नैनीताल जिले में रामनगर, भीमताल, हल्द्वानी, मुक्तेश्वर, कोटाबाग और भवाली समेत आसपास के इलाकों में भी बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है।
लगातार तेज बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है। नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। निचले इलाकों में जलभराव और तेज बहाव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
लोगों के लिए सुरक्षा निर्देश
- अनावश्यक यात्रा से बचें, विशेषकर पर्वतीय और भूस्खलन संभावित मार्गों पर।
- नदी, नाले, गधेरे और तेज बहाव वाले स्थानों के पास जाने से बचें तथा बच्चों को भी इन क्षेत्रों से दूर रखें।
- भारी बारिश के दौरान नदी या बरसाती नालों को पार करने का प्रयास न करें।
- भूस्खलन संभावित ढलानों और कमजोर पहाड़ियों के आसपास रुकने या वाहन खड़ा करने से बचें।
- आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
- तेज बारिश और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित भवन में रहें तथा मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।
- यात्रा पर निकलने से पहले संबंधित मार्गों की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।
- किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
- लोगों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन अथवा अधिकृत स्रोतों से जारी जानकारी पर भरोसा करें।
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए लोगों को अगले 18 घंटों तक विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों की ओर से जारी चेतावनियों और स्थानीय निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।








