देहरादून: धामी कैबिनेट के 18 बड़े फैसले, भर्ती उम्र में बड़ा बदलाव से लेकर कुंभ और बसों तक अहम निर्णय

देहरादून न्यूज़– उत्तराखंड सरकार की अहम कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सचिव शैलेश बगौली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुल 18 महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। इन फैसलों में भर्ती नियमों में बदलाव, परिवहन व्यवस्था का विस्तार, कुंभ मेले की तैयारियां और शिक्षा से जुड़े अहम मुद्दे शामिल हैं।
🔹 वन विभाग में बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने वन विभाग में भर्ती को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
- वन दरोगा की सीधी भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 35 वर्ष कर दी गई है।
- वन आरक्षी (फॉरेस्ट गार्ड) के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है।
इसके साथ ही सरकार ने “मौन पालन नीति 2026” को मंजूरी दी है। इसके तहत वन क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे एक तरफ स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी और दूसरी तरफ हाथियों के हमलों पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
🔹 मदरसा शिक्षा को राहत
कैबिनेट ने मदरसा शिक्षा व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया है।
- कक्षा 1 से 8 तक के 452 मदरसों को अब जिला स्तर से ही मान्यता मिलेगी।
- कक्षा 9 से 12 तक के 52 मदरसों को ही उत्तराखंड बोर्ड से संबद्धता लेना जरूरी होगा।
🔹 परिवहन विभाग को मजबूती
परिवहन विभाग के बेड़े को मजबूत करने के लिए सरकार ने नई बसों की खरीद को मंजूरी दी है।
- GST दरों में कमी के चलते अब 100 की बजाय 109 बसें खरीदी जाएंगी।
- विभाग के कर्मचारियों के लिए नई वर्दी भी तय की गई है।
🔹 कुंभ मेले की तैयारियों में तेजी
आगामी कुंभ मेला को लेकर सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत किया है।
- मेला अधिकारी अब 1 करोड़ रुपये तक के कार्य खुद स्वीकृत कर सकेंगे।
- गढ़वाल आयुक्त को 5 करोड़ रुपये तक के कार्यों की मंजूरी का अधिकार दिया गया है।
- इससे अधिक लागत वाले कार्यों को शासन स्तर पर स्वीकृति मिलेगी।
🔹 भर्ती और कार्मिक से जुड़े फैसले
- सरकारी भर्तियों में वेटिंग लिस्ट को 1 साल के भीतर लागू होने पर पूरी तरह वैध माना जाएगा।
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत ‘विशेष शिक्षक शिक्षा नियमावली’ को मंजूरी दी गई।
- ‘D’ श्रेणी के ठेकेदारों की कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी गई।
🔹 शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा
सरकार ने ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना’ का विस्तार करते हुए 21 अशासकीय कॉलेजों को भी इसमें शामिल करने का फैसला लिया है, जहां स्थायी प्रिंसिपल नियुक्त हैं।
📌 निष्कर्ष
धामी कैबिनेट के ये फैसले राज्य में रोजगार, शिक्षा, परिवहन और प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं। खासकर भर्ती नियमों में बदलाव और कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर लिए गए निर्णयों का असर आने वाले समय में साफ दिखाई देगा।








