APK फाइल से मोबाइल हैक: ई-सिम बनाकर नंबर पर कब्जा, ₹2.81 लाख उड़ाए; देवघर से आरोपी गिरफ्तार

टिहरी जिले में साइबर ठगी का एक हाईटेक मामला सामने आया है, जिसमें एक APK फाइल डाउनलोड करना पीड़ित को भारी पड़ गया। ठगों ने मोबाइल हैक कर न सिर्फ उसका नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया, बल्कि ई-सिम जनरेट कर मोबाइल नंबर पर कब्जा कर लिया और बैंक खाते से ₹2.81 लाख से अधिक की रकम उड़ा दी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए झारखंड के देवघर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
साइबर सेल के अनुसार, पीड़ित शैलेन्द्र सिंह को आरोपी ने खुद को जियो कंपनी का अधिकारी बताकर एक APK फाइल भेजी। भरोसे में आकर जैसे ही पीड़ित ने फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल की, मोबाइल पूरी तरह हैक हो गया। इसके बाद ठगों ने ई-सिम बनाकर मोबाइल नंबर अपने नियंत्रण में ले लिया, जिससे बैंकिंग से जुड़े OTP और अन्य जरूरी जानकारियां सीधे उनके पास पहुंचने लगीं।
मोबाइल नंबर पर कब्जा मिलने के बाद आरोपियों ने ₹2,81,898 की रकम अमेज़न वॉलेट के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी। इतना ही नहीं, जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगने की कोशिश की, तो ठगों ने उससे और रकम की मांग शुरू कर दी।
मामले में थाना कैम्पटी में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान झारखंड के देवघर निवासी बबलू दास का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल (NCRP) पर पहले से 6 शिकायतें दर्ज थीं। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी ई-सिम के जरिए मोबाइल नंबर पर कब्जा कर बैंकिंग और वॉलेट से जुड़ी जानकारी अन्य साइबर अपराधियों के साथ साझा करता था। एसएसपी आयुष अग्रवाल ने इस सफल कार्रवाई के लिए साइबर सेल टीम की सराहना की है।
सावधानी:
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल डाउनलोड न करें और मोबाइल में केवल भरोसेमंद ऐप ही इंस्टॉल करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक से सतर्क रहें।








