E20 पेट्रोल पर बड़ा अलर्ट: 2023 से पहले बनी गाड़ियों के मालिक जरूर पढ़ें ये खबर

भारत में पेट्रोल पंपों पर अब E20 पेट्रोल तेजी से आम होता जा रहा है। इस ईंधन में 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है। सरकार इसे प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है। हालांकि, नई गाड़ियों के लिए यह बदलाव ज्यादा परेशानी वाला नहीं है, लेकिन पुरानी गाड़ियों के मालिकों के लिए यह चिंता का विषय बन सकता है।
देश की प्रमुख निजी बीमा कंपनी ICICI लोम्बार्ड ने E20 पेट्रोल को लेकर बड़ा बयान दिया है। कंपनी का कहना है कि यदि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी पुरानी और E20 के अनुकूल नहीं बनी गाड़ी के इंजन या अन्य हिस्सों को नुकसान होता है, तो ऐसे मामलों में इंश्योरेंस क्लेम खारिज किया जा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने 9 जून को जारी एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि अप्रैल 2023 से पहले बनी कई गाड़ियां E20 पेट्रोल के लिए डिजाइन नहीं की गई थीं। ऐसे वाहनों में इस ईंधन का इस्तेमाल इंजन, फ्यूल लाइन, रबर सील और अन्य पुर्जों को नुकसान पहुंचा सकता है। कंपनी का मानना है कि वाहन निर्माता की सिफारिशों के विपरीत ईंधन का इस्तेमाल ‘लापरवाही’ या ‘वाहन के गलत उपयोग’ की श्रेणी में आ सकता है, जिससे क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना बढ़ जाती है।
ICICI लोम्बार्ड के अनुसार, E20 पेट्रोल से होने वाला नुकसान आमतौर पर धीरे-धीरे सामने आता है। इसमें माइलेज कम होना, इंजन के पार्ट्स का घिसना और फ्यूल सिस्टम पर असर पड़ना शामिल है। चूंकि यह क्षति अचानक नहीं होती, इसलिए इसे सामान्य मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी में कवर किए जाने वाले नुकसान की श्रेणी में नहीं माना जाता।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल का उपयोग करने से वाहन की इंश्योरेंस पॉलिसी स्वतः रद्द नहीं होगी। हालांकि, यदि नुकसान का कारण E20 फ्यूल पाया जाता है, तो क्लेम मंजूर होने में दिक्कत आ सकती है। यहां तक कि इंजन प्रोटेक्शन जैसे ऐड-ऑन कवर भी ऐसे मामलों में सीमित मदद कर सकते हैं, क्योंकि वे मुख्य रूप से जलभराव, ऑयल लीकेज या अन्य विशिष्ट परिस्थितियों के लिए बनाए गए हैं।
कंपनी ने वाहन मालिकों को सलाह दी है कि वे अपनी पॉलिसी की शर्तों को ध्यान से पढ़ें और यदि उनकी गाड़ी अप्रैल 2023 से पहले की है तो वाहन निर्माता से यह जरूर सुनिश्चित करें कि वह E20 पेट्रोल के लिए उपयुक्त है या नहीं।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार देशभर में E20 पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है और 1 अप्रैल 2026 तक इसे व्यापक रूप से लागू करने की योजना है। सरकार ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में भी राहत दी है। ऐसे में जहां यह पहल पर्यावरण के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, वहीं पुरानी गाड़ियों के मालिकों के लिए यह नई चुनौती बनकर उभर सकती है।








