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टीईटी पास शिक्षकों के लिए बड़ी राहत: उत्तराखंड में 16 हजार शिक्षकों का प्रमोशन रास्ता साफ

देहरादून न्यूज़– उत्तराखंड के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हजारों शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। करीब 16 हजार से अधिक टीईटी (TET) उत्तीर्ण शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता अब जल्द साफ हो सकता है। शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए ‘उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक अध्यापक सेवा नियमावली’ में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है।

 

दरअसल, सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया गया था। वहीं, मौजूदा नियमों के अनुसार प्रमोशन केवल वरिष्ठता के आधार पर होता था। इस कारण ऐसे वरिष्ठ शिक्षक, जिन्होंने टीईटी पास नहीं किया था, उनका प्रमोशन रुक गया और इसके चलते टीईटी पास जूनियर शिक्षक भी पदोन्नति से वंचित रह गए।

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इस स्थिति ने शिक्षा विभाग में बड़ा गतिरोध पैदा कर दिया था, जहां योग्य होने के बावजूद हजारों शिक्षक प्रमोशन नहीं पा रहे थे। अब इस समस्या को दूर करने के लिए विभाग ने नियमों में बदलाव का रास्ता अपनाया है।

 

 

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार अब प्रमोशन का आधार सिर्फ वरिष्ठता नहीं रहेगा, बल्कि इसमें शैक्षिक योग्यता यानी टीईटी को भी शामिल किया जाएगा। इससे टीईटी पास कर चुके जूनियर शिक्षकों को वरिष्ठता सूची में आगे आने का मौका मिलेगा और वे प्रमोशन प्राप्त कर सकेंगे।

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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में करीब 16,000 शिक्षक टीईटी पास हैं, जिन्हें इस बदलाव का सीधा लाभ मिलेगा। वहीं, लगभग 5,000 ऐसे शिक्षक हैं जो अगले दो वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके इन शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य नहीं होगा।

 

इसके अलावा, जिन शिक्षकों की सेवा अवधि 5 साल से अधिक बची है और उन्होंने अभी तक टीईटी पास नहीं किया है, उन्हें पद पर बने रहने के लिए दो साल के भीतर टीईटी परीक्षा पास करनी होगी।

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अपर शिक्षा निदेशक (प्रारंभिक शिक्षा) पदमेंद्र सकलानी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्पन्न हुई जटिलताओं को दूर करने के लिए नियमों में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि नए नियम लागू होने के बाद प्रमोशन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और योग्य शिक्षकों को उनका हक मिल सकेगा।

 

शिक्षा विभाग के इस कदम से राज्य के हजारों शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है और लंबे समय से अटकी प्रमोशन प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है।