उत्तराखण्डकुमाऊं,गढ़वाल,

देहरादून- बाहरी लोगों ने कृषि भूमि पर मकान बनाया तो जमीन सहित मकान होगा जब्त, धामी सरकार का ऐलान

उत्तराखंड में आने वाले समय में बाहरी लोगों के लिए जमीन खरीद के मानक बेहद सख्त होने जा रहे हैं। बाहरी लोगों ने यदि कृषि भूमि खरीदकर मकान बनाया तो जमीन समेत मकान भी सरकार में निहित हो जाएगा।

नगर निगम सीमा और उसके बाहर भी यदि कृषि भूमि खरीदी गई, तो उसका इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ खेती के लिए ही करना होगा। ऐसा न करने पर सरकार स्तर पर सख्त प्रावधान किए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड-(भर्ती-भर्ती) यहां 10वीं और 12 वीं पास के लिए 1720 पदों पर आई भर्ती

अभी उत्तराखंड में नगर निगम सीमा के भीतर व्यक्ति कितनी भी जमीन खरीद सकता है। भले ही जमीन आवासीय हो या कृषि। अब नए भू-कानून के आने के बाद यदि नगर निगम सीमा के भीतर बाहरी व्यक्ति कृषि भूमि खरीदता है तो वो उसका इस्तेमाल सिर्फ कृषि के लिए कर पाएगा। न मकान, न हॉस्टल और न ही उसका कोई दूसरा इस्तेमाल होगा।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल- गर्जिया मंदिर के दर्शन करने आए लखनऊ के एक युवक की कोसी नदी में डूब कर हुई मौत

भू-उपयोग सिर्फ कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों तक सीमित रहेगा। जमीन खरीदते समय अपनी मंशा और जमीन के उपयोग की भी स्पष्ट जानकारी देनी होगी। नगर निगम सीमा से बाहर व्यक्ति सिर्फ 250 वर्ग मीटर तक कृषि भूमि खरीद पाएगा, लेकिन यहां भी उसका इस्तेमाल कृषि के अलावा कुछ और नहीं कर पाएगा। किसी भी तरह का कोई दूसरा इस्तेमाल करने पर यहां प्रशासन स्तर से जमीनों को सीधे सरकार के कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। इसके लिए नए कानून में बेहद सख्त प्रावधान किए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  बिन्दुखत्ता-(ब्रेकिंग न्यूज़) यहाँ ड्यूटी से लौट रहे ग्रामीण पर जंगली हाथी ने किया हमला, ग्रामीण हुआ गंभीर रूप से घायल, क्षेत्र में दहशत का माहौल।

निकायों में भी लागू हो भू-कानून: प्रदेशभर से लोगों ने नगर निकाय सीमा में भी सख्त भू-कानून लागू करने पर जोर दिया। उनका कहना है कि 2018 में नगर निकायों की सीमाओं को बहुत अधिक विस्तार दिया गया।