उत्तराखण्डकुमाऊं,

बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग तेज, संयुक्त मोर्चे का धरना जारी

लालकुआं न्यूज़– बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन और पूर्व सैनिक संगठन के संयुक्त मोर्चे का धरना बुधवार को भी जारी रहा। शहीद स्मारक स्थल पर बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए “जन-जन की सरकार कब आएगी, बिंदुखत्ता के नारे लगाए” जैसे नारों के साथ अपनी मांग बुलंद की।

 

 

 

 

धरना स्थल पर आयोजित खुली बैठक में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से क्षेत्रवासी इस मांग को उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल- माँ नंदा देवी महोत्सव को सफलतापूर्वक और सुरक्षित ढंग से सम्पन्नता कराने में नैनीताल पुलिस पूरी तत्परता से जुटी, इस दौरान पूछताछ और सत्यापन की भी कार्यवाही की

 

स्थानीय लोगों ने कहा कि राजस्व गांव का दर्जा न मिलने के कारण उन्हें जमीन के दस्तावेज, भवन निर्माण की अनुमति, सरकारी योजनाओं का लाभ, बैंक ऋण और अन्य बुनियादी सुविधाओं में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। युवाओं ने रोजगार और क्षेत्रीय विकास की मांग उठाई, जबकि महिलाओं ने स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं की कमी को गंभीर समस्या बताया।

यह भी पढ़ें 👉  माधवी फाउंडेशन द्वारा आयोजित निशुल्क नेत्र एवं पशु चिकित्सा शिविर का ग्रामीणों ने उठाया लाभ

 

संयुक्त मोर्चे के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सरकार ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

 

धरने में पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, पूर्व विधायक नवीन दुम्का, हरेंद्र बोरा, हेमवतीनंदन दुर्गापाल, उमेश भट्ट, बीना जोशी, खिलाफ सिंह दानू, बलवंत बिष्ट, के. प्रताप बिष्ट, नंदन बोरा, दीपक जोशी, दीपक नेगी, ललित कांडपाल, पूरन परिहार, खीम सिंह कार्की, प्रकाश उत्तराखंडी, विक्की पाठक, पुष्कर दानू, हीरा सिंह बिष्ट, चंद्र सिंह दानू, अर्जुन नाथ गोस्वामी, शेखर जोशी, भरत नेगी, भगवान सिंह धामी, संध्या डालाकोटी, वीरेंद्र दानू, प्रकाश मिश्रा, अर्जुन बिष्ट, हेमंत बगड़वाल सहित सैकड़ों क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून- राज्य में इतने शिक्षक मिले शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार, अब होगी अनिवार्य सेवानिवृत्ति