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धामी कैबिनेट के 24 प्रस्तावों पर मुहर, युवाओं के लिए कौशल योजना मंजूर, लालकुआं को भी बड़ी राहत

बनबसा (चंपावत)- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मंजूरी प्रदान की गई। कैबिनेट ने लालकुआं के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने, उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए कौशल संवर्धन योजना शुरू करने, पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार के लिए ₹66.29 करोड़ जारी करने और सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली में संशोधन सहित कई अहम फैसले लिए।

 

 

बैठक में वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को तेज करने, सरकारी सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया में बदलाव, सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे के पुनर्गठन, निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में संशोधन और सिंचाई एवं जल निकासी से संबंधित नए विधेयक को विधानसभा में प्रस्तुत करने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

 

 

लालकुआं के पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार

कैबिनेट ने वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों एवं कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके अंतर्गत नैनीताल जिले के नगर पंचायत लालकुआं के संबंधित पट्टेदारों और कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार देने का रास्ता साफ हुआ है। इसके साथ ही देहरादून जिले के जौनसार-बावर क्षेत्र में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण संबंधी प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।

 

 

संबंधित भूमि का विनियमितीकरण एक वर्ष तक वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद विनियमितीकरण प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार होगा।

 

 

पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए ₹66.29 करोड़

ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तारीकरण के लिए हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को ₹66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि जारी करने को मंजूरी दी गई। इस धनराशि का उपयोग कॉरपोरेशन की कार्ययोजना के अनुसार निर्माण और अन्य निर्धारित कार्यों में किया जाएगा।

 

 

उच्च शिक्षा के 1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा कौशल योजना का लाभ

कैबिनेट ने विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और उद्यमिता बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 शुरू करने को मंजूरी दी। इस योजना से राज्य के राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा उनसे संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 1.19 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। योजना पर पांच वर्षों में करीब ₹200 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

 

 

सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति के विवरण से जुड़े नियमों में संशोधन

मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड राज्य कर्मचारी आचरण (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। इसके तहत कर्मचारियों की चल-अचल और बहुमूल्य संपत्ति से संबंधित प्रावधानों को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप स्पष्ट एवं अद्यतन किया जाएगा। साथ ही नियमावली के हिंदी अनुवाद में मौजूद त्रुटि को भी दूर किया जाएगा।

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समूह ‘ग’ की भर्ती में साक्षात्कार व्यवस्था में बदलाव

कैबिनेट ने राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया से संबंधित संशोधन नियमावली को मंजूरी दी। इसके तहत उप कारापाल के पद पर शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा की व्यवस्था होने के कारण साक्षात्कार समाप्त किया जाएगा।

 

 

इसके अलावा जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को संबंधित परिशिष्ट से हटाने का निर्णय लिया गया। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के कृत्यों के परिसीमन संबंधी संशोधन विनियम को भी मंजूरी दी गई।

 

 

वन विभाग में छह पदों की परियोजना प्रबंधन इकाई

वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों के तकनीकी परीक्षण, ऑनलाइन संरेखण की जांच और नोडल कार्यालय को मजबूत करने के लिए नोडल अधिकारी, वन संरक्षण, उत्तराखंड के कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) गठित की जाएगी। इसके लिए छह पदों को मंजूरी दी गई।

 

 

वन विभाग में विभागाध्यक्ष संबंधी व्यवस्था में भी संशोधन किया जाएगा। इसके तहत निदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्षों की सूची से हटाकर मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं और मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा। सरकार के अनुसार इससे वनाग्नि, दैवीय आपदा, बाढ़ नियंत्रण और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई में मदद मिलेगी।

 

 

संपत्ति की रजिस्ट्री में पैन सत्यापन अनिवार्य करने की तैयारी

स्टाम्प एवं निबंधन विभाग के अंतर्गत संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लेन-देन में क्रेता, विक्रेता और अन्य संबंधित पक्षों द्वारा दिए गए पैन की जांच की व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य गलत अथवा फर्जी पैन के इस्तेमाल को कम करना और आयकर विभाग को भेजी जाने वाली जानकारी में शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

 

 

राजकोषीय घाटे और कर्ज की सीमा तय

कैबिनेट ने उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम में संशोधन संबंधी प्रावधानों को मंजूरी दी। इसके तहत एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का तीन प्रतिशत निर्धारित की गई है।

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वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा जीएसडीपी का 30 प्रतिशत तय की गई है। आपदा और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों में नियमानुसार निर्धारित सीमा से अधिक घाटे की छूट का प्रावधान भी रहेगा।

 

 

स्थानीय निकायों की वित्तीय व्यवस्था पर रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी

छठवें राज्य वित्त आयोग की ओर से पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के संबंध में प्रस्तुत प्रतिवेदन को आगामी विधानसभा सत्र में रखने की मंजूरी दी गई। आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए राज्य के शुद्ध कर राजस्व से स्थानीय निकायों को धनराशि हस्तांतरित करने तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर संस्तुतियां दी हैं।

 

 

सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे में होगा बदलाव

कैबिनेट ने सतर्कता अधिष्ठान, उत्तराखंड के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी। इसके तहत आठ आरक्षी नागरिक पुलिस, एक आरक्षी डाक रनर और दो आरक्षी चालक समेत कुल 11 पद समाप्त किए जाएंगे। वहीं मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस के पांच पद बढ़ाने के साथ विभिन्न श्रेणियों में छह नए पद सृजित किए जाएंगे।

 

 

इसके अतिरिक्त भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अनुरूप सतर्कता अधिष्ठान से संबंधित वर्ष 1965 की अधिसूचना में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।

 

 

सार्वजनिक परिसंपत्तियों से होने वाली आय का 92 प्रतिशत संबंधित संस्थाओं को

नियोजन विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियमन) अधिनियम की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों की परिसंपत्तियों के विनिवेश अथवा मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया है।

 

 

नया सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक विधानसभा में आएगा

कैबिनेट ने उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 को निरस्त करने और राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी। सरकार का उद्देश्य सिंचाई और जल निकासी से संबंधित व्यवस्था को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है।

 

 

कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना के लाभार्थियों को भी राहत देते हुए सब्सिडी का भुगतान सीबीडीसी/ई-रुपी आधारित व्यवस्था के स्थान पर आधार से जुड़े बैंक खातों के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) से करने को मंजूरी दी गई।

 

 

पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन के लिए महानिदेशक का पद

पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभागों में बेहतर समन्वय, पर्यवेक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए महानिदेशक का नया पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी में सहायता मिलने की उम्मीद है।

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निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में संशोधन

राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए निर्धारित नीति और मानकों में संशोधन को मंजूरी दी गई। संशोधित व्यवस्था के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र का प्रावधान किया जाएगा। विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्तावों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अलग मूल्यांकन मानक भी तय किए जाएंगे।

 

 

नरेंद्रनगर में खुलेगा उप निबंधक कार्यालय

मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में टिहरी जिले की नरेंद्रनगर तहसील में उप निबंधक कार्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी गई। इसके कार्यक्षेत्र में नरेंद्रनगर तहसील के 98 और पावकी देवी उपतहसील के 35, कुल 133 राजस्व गांव शामिल होंगे। इससे क्षेत्रीय लोगों को पंजीकरण संबंधी सेवाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी।

 

 

भूमि व्यवस्था नियमावली और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े फैसले

कैबिनेट ने उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली, 1952) में संशोधन को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य संबंधित अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी, सुचारू और पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए प्रक्रियाओं एवं दिशा-निर्देशों को स्पष्ट करना है।

 

 

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत वेक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा में नियुक्त कार्मिकों की भर्ती और सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए उत्तराखंड वेक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई।

 

 

इसके अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर की कमी को देखते हुए संबंधित पदों पर तैनात कार्मिकों के वेतन एवं मानदेय के पुनर्निर्धारण को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

 

 

कैबिनेट ने न्यायाधिकरण के आदेश और उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के निदेशक की संस्तुति के आधार पर सौंदर्याकरण उपशाखा को निक्षेपित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।

 

 

बैठक में लिए गए इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना, विकास परियोजनाओं को गति देना, युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देना और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है।