प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी के चलते शासन ने सभी जिलाधिकारियों को जारी किए बड़े निर्देश

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने सभी जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), देहरादून द्वारा 27 जुलाई 2026 की शाम 6:30 बजे जारी मौसम पूर्वानुमान के आधार पर यह एडवाइजरी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 28 और 29 जुलाई को प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली चमकने तथा वर्षा के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
27 जुलाई को देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश तथा गर्जन के साथ बिजली चमकने की संभावना है।
28 जुलाई को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट रहेगा।
29 जुलाई को उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और टिहरी में भारी से बहुत भारी बारिश, जबकि पिथौरागढ़ और नैनीताल में गरज-चमक और अत्यंत तीव्र बारिश की संभावना जताई गई है।
इनके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
SEOC के प्रमुख निर्देश
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को निम्नलिखित निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है—
- बरसात के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग की अनुमति न दी जाए।
- आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारी और विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहें।
- राष्ट्रीय राजमार्ग, पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई, बीआरओ सहित सभी एजेंसियां बंद सड़कों को तत्काल खोलने की कार्रवाई करें।
- राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहें।
- पुलिस चौकियां और थाने आपदा उपकरणों व वायरलेस के साथ पूरी तरह सक्रिय रहें।
- किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का मोबाइल फोन बंद न रहे।
- फंसे हुए लोगों के लिए खाद्य सामग्री और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में विशेष सतर्कता बरती जाए।
- उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों के आवागमन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
- नगर क्षेत्रों में नालियों और कलवर्ट की सफाई कर जलभराव की स्थिति से बचाव किया जाए।
- जिला सूचना अधिकारी मौसम संबंधी चेतावनियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।
प्रशासन ने की लोगों से अपील
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष या स्थानीय प्रशासन को सूचना देने के निर्देश भी दिए गए हैं।









