उत्तराखण्डकुमाऊं,

हल्द्वानी में लावारिस कुत्तों का आतंक, नगर निगम बेबस—लोगों में दहशत

हल्द्वानी न्यूज़– शहर में लावारिस कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन इन्हें पकड़ने और नियंत्रित करने में नगर निगम पूरी तरह नाकाम नजर आ रहा है। गली-मोहल्लों में घूम रहे खूंखार कुत्ते आम लोगों के लिए खतरा बन चुके हैं, वहीं नगर निगम का स्वास्थ्य अनुभाग अब तक ठोस कार्रवाई करने में विफल रहा है।

 

पिछले दिनों पालीशीट और मल्ली बमौरी वार्ड में कुत्तों द्वारा लोगों को काटने की घटनाएं सामने आने के बाद नगर निगम हरकत में आया। हालांकि, घटना के दो दिन बाद जाकर निगम की टीम एक खूंखार कुत्ते को पकड़ सकी, जिससे निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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शुक्रवार को वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल के नेतृत्व में निगम की टीम ने काठगोदाम, मुखानी, बमौरी समेत कई इलाकों का निरीक्षण किया, लेकिन इस दौरान एक भी लावारिस कुत्ता पकड़ में नहीं आया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय कुत्तों के झुंड खुलेआम सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा बना रहता है।

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सबसे बड़ी समस्या यह है कि नगर निगम के पास फिलहाल डॉग शेल्टर की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में पकड़े गए कुत्तों को रखने और उनके उपचार की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निगम केवल औपचारिक कार्रवाई दिखा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

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लोगों की मांग है कि नगर निगम जल्द से जल्द डॉग शेल्टर की व्यवस्था करे और लावारिस कुत्तों की धरपकड़ के लिए नियमित अभियान चलाए, ताकि शहरवासियों को इस समस्या से राहत मिल सके। फिलहाल स्थिति को देखते हुए आम लोगों को तत्काल राहत मिलती नजर नहीं आ रही हैं।