सल्ट में फिर बाघ का हमला: 3 महीने में दूसरी मौत, ऑपरेशन से लौटी पत्नी के सामने उजड़ा परिवार

अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र में बाघ के हमले ने एक बार फिर दहशत फैला दी है। तड़म गांव में 65 वर्षीय खीम सिंह रावत की बाघ के हमले में मौत हो गई। बीते तीन महीनों में यह दूसरी घटना है, जिसने पूरे इलाके को डर और गुस्से के माहौल में डाल दिया है।
इस दर्दनाक हादसे की सबसे मार्मिक बात यह है कि मृतक की पत्नी मुन्नी देवी एक दिन पहले ही रानीखेत से मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराकर घर लौटी थीं, और अगले ही दिन उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उम्र के इस पड़ाव पर भी खीम सिंह खेती और पशुपालन से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पोस्टमॉर्टम के बाद बुधवार को खीम सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार वह मेहनती किसान थे और खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन थी। उनके दो बेटे राकेश और गिरीश निजी कंपनियों में काम करते हैं और दोनों विवाहित हैं।
वन विभाग अलर्ट, जारी सर्च ऑपरेशन
घटना के बाद वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क और कालागढ़ टाइगर रिजर्व से सटे इस क्षेत्र में गश्त तेज कर दी गई है। वन विभाग की टीम गांव में डेरा डाले हुए है और बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
चार नए ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन के जरिए भी बाघ की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। ट्रैंकुलाइजिंग गन के साथ टीमें तैनात हैं और पदचिन्हों के आधार पर सर्च अभियान जारी है। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और सुबह-शाम अकेले बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
मुआवजे का ऐलान
वन विभाग की ओर से परिजनों को तत्काल राहत के रूप में 2.5 लाख रुपये की सहायता दी गई है, जबकि शेष 7.5 लाख रुपये पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद दिए जाएंगे।
तीन महीने पहले भी हुई थी घटना
गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में 31 दिसंबर को खोल्यो क्यारी गांव में बाघ ने एक महिला को अपना शिकार बनाया था। उस घटना के बाद एक बाघ को पकड़ लिया गया था और माना गया था कि वही जिम्मेदार था। अब ताजा घटना के बाद फिर से इलाके में दहशत फैल गई है।
वन्यजीव गतिविधियों का हॉटस्पॉट बना तड़म
मोहान रेंज का तड़म क्षेत्र वन्यजीवों की आवाजाही का प्रमुख कॉरिडोर माना जाता है, जो कॉर्बेट और कालागढ़ टाइगर रिजर्व को जोड़ता है। यहां बाघ, गुलदार और हाथियों की लगातार आवाजाही रहती है। ग्रामीणों के मुताबिक हाल के दिनों में बाघ की दहाड़ और चहलकदमी बढ़ी है, जिससे लोगों में डर बना हुआ है।








