उत्तराखण्डउधम सिंह नगरकुमाऊं,

उत्तराखंड- यहाँ शादी की खुशियां मातम में बदलीं: किच्छा हाईवे हादसे में दो बहनों की मौत, घर में पसरा सन्नाटा

सितारगंज न्यूज़– घर में निकाह की तैयारियां जोरों पर थीं। आंगन में रौनक थी, रिश्तेदारों का आना-जाना लगा हुआ था और महिलाएं मेंहदी व अन्य रस्मों की तैयारियों में जुटी थीं। हर तरफ खुशियों का माहौल था और एक नए रिश्ते की शुरुआत का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था।

 

लेकिन किच्छा हाईवे पर हुए एक दर्दनाक हादसे ने इस परिवार की सारी खुशियां एक ही पल में छीन लीं।
बताया जा रहा है कि हिना, निशा और रूबी अपने भाई के निकाह की तैयारियों के लिए सितारगंज बाजार गई थीं। घर में उनके लौटने का इंतजार किया जा रहा था, ताकि आगे की रस्में पूरी की जा सकें। इसी दौरान किच्छा हाईवे पर हुए हादसे में हिना और निशा की मौत हो गई, जबकि परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।

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जैसे ही हादसे की खबर घर पहुंची, खुशियों से गूंजता आंगन चीख-पुकार से भर उठा। जहां ‘निकाह मुबारक’ की आवाजें गूंजनी थीं, वहां सन्नाटा पसर गया। रिश्तेदार, जो खुशी में शामिल होने आए थे, अब गम में डूबे परिजनों को संभालते नजर आए।

 

हादसे का सबसे मार्मिक पहलू तब सामने आया जब निशा की नौ महीने की मासूम बेटी को परिजनों ने संभाला। हादसे के वक्त वह अपनी मां की गोद में थी। मां के निधन के साथ ही उस बच्ची के सिर से ममता का साया हमेशा के लिए उठ गया। यह दृश्य देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।

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घर में जहां निकाह की तैयारियों के तहत साज-सज्जा की जा रही थी, वहीं अब जनाजे की तैयारी शुरू हो गई। दूल्हे के घर से निकलने वाली बारात की जगह अब बेटियों के जनाजे उठने की खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

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गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस हादसे को लेकर गहरा शोक है। लोग इसे केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक ऐसी त्रासदी मान रहे हैं, जिसने एक परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया।

 

यह हादसा उन जिंदगियों की अधूरी कहानी बन गया, जो खुशियां खरीदने निकली थीं, लेकिन अपने पीछे आंसुओं का सैलाब छोड़ गईं। अब इस घर में दुआओं के लिए उठने वाले हाथ भी गम और आंसुओं से भीगे हुए हैं।