नैनीताल में बारिश का कहर: 40 सड़कें बंद, गौला-कौसी नदियां उफान पर; कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित

हल्द्वानी/नैनीताल- उत्तराखंड के नैनीताल जिले में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश का दौर जारी है। भारी वर्षा के कारण जिले के कई सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जबकि गौला, कौसी और नंदौर समेत प्रमुख नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
24 घंटे में 51.59 मिमी औसत बारिश
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटे में नैनीताल जिले में औसतन 51.59 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, 1 जून 2026 से अब तक जिले में 826.96 मिलीमीटर संचयी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है।
सबसे अधिक बारिश कोश्याकुटौली क्षेत्र में 154 मिमी दर्ज हुई। इसके अलावा कालाढूंगी में 102 मिमी, धारी में 62 मिमी, मुक्तेश्वर में 55.1 मिमी, हल्द्वानी में 50 मिमी, नैनीताल तहसील में 43 मिमी, नैनीताल क्षेत्र में 39 मिमी, रामनगर में 5.8 मिमी और बेतालघाट में 5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
गौला-कौसी समेत नदियों का जलस्तर बढ़ा
लगातार बारिश के चलते जिले की प्रमुख नदियों में भी पानी का दबाव बढ़ गया है। रिपोर्ट के अनुसार गौला नदी का डिस्चार्ज 49,638 क्यूसेक, कौसी नदी का 24,986 क्यूसेक और नंदौर नदी का 6,110 क्यूसेक दर्ज किया गया है।
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से नदी-नालों के किनारे न जाएं और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहें।
40 सड़क मार्गों पर आवाजाही प्रभावित
भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर जिले की सड़क कनेक्टिविटी पर पड़ा है। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश और मलबा आने के कारण कुल 40 मार्ग अवरुद्ध हैं। इन मार्गों में ज्योलीकोट-मटियाली-क्वारब (फ्रॉग प्वाइंट), गाजिया-बेतालघाट-खैरना, भलानी-सिमली अमोटा, धानाचूली-खनस्यू-ओखलकांडा, रामगढ़-रानीबाग, हरिनगर-चांदपुर, भवाली-रानीखेत, पदमपुरी-बगड़, बधियाकोट-टूटा और गरमपानी-नैनीपुल समेत कई प्रमुख सड़कें शामिल हैं।
इसके अलावा काठगोदाम-हैड़ाखान, गौलापार क्षेत्र के कई मार्ग, नैनीताल क्षेत्र के ग्रामीण संपर्क मार्ग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत आने वाली कई सड़कें भी प्रभावित हैं।
बारिश से बढ़ी मुश्किलें, प्रशासन अलर्ट
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में सड़क बंद होने और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। वहीं, नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
लोगों से अपील की गई है कि मौसम खराब होने की स्थिति में बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें और सड़क मार्ग की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही घर से निकलें।








