होर्मुज में बढ़ा टकराव: भारतीय जहाज पर ईरानी फायरिंग, 20 टैंकर लौटे, अमेरिकी नेवी पर उठे सवाल

दुनिया की सबसे अहम तेल आपूर्ति लाइफलाइन माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। शनिवार को इस मार्ग से गुजर रहे दो भारतीय जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटना से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेक्टर में हड़कंप मच गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी ईरानी गनबोट्स ने इन जहाजों पर फायरिंग की। हालांकि राहत की बात यह रही कि दोनों जहाजों और उनके क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। टैंकर मॉनिटरिंग डेटा के अनुसार, इनमें से एक जहाज करीब 20 लाख बैरल इराकी तेल लेकर जा रहा था।
घटना के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया है। वहीं, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी फायरिंग की पुष्टि की है।
इस पूरे घटनाक्रम से कुछ घंटे पहले ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने का संकेत दिया था। इससे पहले शुक्रवार को ईरान ने ‘गुड फेथ’ के तहत सीमित रूप से जहाजों को गुजरने की अनुमति दी थी, लेकिन अमेरिकी गतिविधियों के विरोध में इस व्यवस्था को वापस ले लिया गया।
ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों के आसपास नाकाबंदी कर रही है और ‘समुद्री डकैती’ जैसे कदम उठा रही है। ईरान की मांग है कि अमेरिकी सैन्य जहाज इस क्षेत्र से हटें और ईरानी जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित की जाए।
इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, तनाव के चलते 23 जहाजों को रास्ते से वापस लौटना पड़ा, जबकि करीब 20 जहाजों को ओमान की दिशा में मोड़ दिया गया। हाल ही में आठ तेल टैंकरों का बड़ा काफिला इस मार्ग से गुजरता देखा गया था, जिससे वैश्विक बाजार को कुछ राहत मिली थी, लेकिन ताजा घटनाओं ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।
तनाव के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि ईरानी नौसेना अपने दुश्मनों को “कड़वी हार” चखाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के कुल तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है, ऐसे में यहां बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर गहरा असर डाल सकता है।








