मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: गैस सिलेंडर, ईंधन सब महंगा, जानिए नए रेट

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़े असर ने भारत में महंगाई का दबाव और बढ़ा दिया है। 1 अप्रैल की आधी रात से एक बार फिर आम लोगों और कारोबारियों को महंगाई का झटका लगा है। तेल कंपनियों ने कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों की लागत बढ़ गई है।
ताजा बढ़ोतरी के बाद 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत ₹2000 के पार पहुंच गई है। दिल्ली में इसकी कीमत अब ₹2078.50 हो गई है।

वहीं कोलकाता में ₹2208, मुंबई में ₹2031 और चेन्नई में ₹2246.50 प्रति सिलेंडर हो गई है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद एक महीने के भीतर यह तीसरी बढ़ोतरी है, जिससे सिलेंडर करीब ₹310 तक महंगा हो चुका है।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले 7 मार्च 2026 को घरेलू सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी।
छोटा सिलेंडर भी महंगा
1 अप्रैल से 5 किलो वाले FTL सिलेंडर की कीमत में भी ₹51 का इजाफा हुआ है। अब दिल्ली में इसकी कीमत ₹549, मुंबई में ₹530, कोलकाता में ₹572 और पटना में ₹608 हो गई है।
पेट्रोल-डीजल और ATF पर भी असर
महंगाई का असर सिर्फ LPG तक सीमित नहीं है। दिल्ली में प्रीमियम डीजल के दाम ₹1.50 प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं। वहीं विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में 115% से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में ATF की कीमत ₹2,07,341.22 प्रति किलोलीटर पहुंच गई है, जबकि चेन्नई में ₹2,14,597.66 और मुंबई में ₹1,94,968.67 हो गई है।

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
भारत अपनी गैस जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। करीब 90% LPG मिडिल ईस्ट के देशों—कतर, कुवैत, सऊदी अरब और यूएई—से आता रहा है। लेकिन युद्ध के चलते सप्लाई बाधित हो रही है और शिपिंग लागत बढ़ गई है। ऐसे में भारत को अमेरिका, नार्वे, ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना जैसे दूर के देशों से महंगे दाम पर गैस खरीदनी पड़ रही है।
आगे क्या?
वैश्विक हालात फिलहाल तनावपूर्ण बने हुए हैं। अगर मिडिल ईस्ट में हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले समय में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ कारोबारियों की जेब पर और असर पड़ने की आशंका है।








